Posts

मंत्र महायोग की शक्तिशाली

मंत्र महायोग की शक्तिशाली दुनिया मे मंत्र की वो शक्ति अनुभव कर सकते है जिस से टूटता हुआ घर,दिल व समाज ये सब बच सकते है इस मंत्र के चमत्‍कार से घर मे सुख और आनंद हो जाता है और आनंद की दात्री होती है घर की स्त्री अर्थात यदि घर मे पत्नी कलह करती हो या बार बार मायके जा कर बैठती हो या तलाक की बात करती हो या फिर पति को पत्नी अपेक्षित सहयोग ना मिलता हो to इस मंत्र का प्रयोग आवश्याही आपके लिये सफल सीध होगा। मंत्र मोहिनी माता भूत पिता भूत सिर बेताल उढ़ ए काली.............को जा लाग एसी जाके लाग ..........को लग जाये हमारी मुहबत की आग न खड़े सुख ना लेटे सुख न सोते सुख सिन्दूर चढ़ाऔं मंगलवार कभी ना छोड़े हमारा ख्याल। जब तक ना देखे हमारा मुख काया तड़प तड़प मर जाये चलो मंत्र फुरो वाचा दिखाओ रे शब्द अपने गुरू के इलम का तमाशा खाली जगह पर उस स्त्री का नाम ले जिसको आप वश मे करना चाहते हैं यह मंत्र केवल शादी शुदा लोगो को ही लाभ देता है।

अभिषेक का महत्त्व

अभिषेक का महत्त्व -- - सृष्टि की शुरुवात से यही जल चक्र में आ रहा है , जा रहा है| ये हम सभी स्कूल में वाटर साइकल में पढ़ चुके है| - जो जल नदियों , नालों में बहता है , वहीँ समुन्दर में मिलता है , वही वाष्प बन कर बादल बनता है | वही बादल बरस कर नदियाँ बनते है| नदी , तालाब , कुँओं का यह जल विभिन्न कार्यों के लिए प्राणी उपयोग में लाते है | इसके साथ निहित भावनाओं से उस जल में सूक्ष्म परिवर्तन आते है जो कई बार अच्छे होते है , अधिकतर बुरे होते है , जिनका प्रभाव प्राण तत्व पर बुरा होता है| - जल तत्व को शुद्ध करने के लिए हमारे ऋषि मुनियों ने बहुत ही विचार पूर्वक अभिषेक का कार्य बनाया | - अभिषेक की प्रक्रिया में हम शुद्ध भावना से बूँद बूँद जल या थोड़ा थोड़ा जल ईश्वरीय प्रतिमा पर डालते जाते है| - इसके साथ समूह में मन्त्र और श्लोक बोले जाते है| इन मन्त्रों की ध्वनी का प्रभाव उस जल , या दूध या अन्य द्रवों पर होता है| - उस द्रव्य में सूक्ष्म परिवर्तन आते है| मन्त्र शक्ति युक्त यह द्रव्य अत्यंत गुणकारी , प्रभावशाली और अमृत तत्व से युक्त हो जाता है| - यहीं द्रव्य नदियों , तालाबों में मिल जाता है| ...

गणेशजी के यह 3 विलक्षण अमोघ मंत्र

गणेशजी के यह 3 विलक्षण अमोघ मंत्र भगवान श्री गणेश अप ने हर रूप में प्रसन्नता और खुशियों का वरदान देते हैं। उनकी हर आराधना फलदायक होती है। वह प्रथम पुज्य होने के साथ ही सौभाग्य और मंगल के प्रदाता हैं। आइए जानते हैं उनके 3 ऐसेचमत्कारी मंत्र जो विधिवत करने पर मात्र 11 दिन में जीवनबदल देने की क्षमता रखते हैं। मंत्र 1 : गणेश गायत्री मंत्र ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात।। यहगणेश गायत्री मंत्रहै। इस मंत्र का 11 दिन शांत मन से 108बार जप करने से गणेशजी की विशिष्ट कृपा होती है। गणेश गायत्री मंत्र के जप से व्यक्ति का भाग्य चमक जाता है और हर कार्य अनुकूल सिद्ध होने लगता है। मंत्र 2 : तांत्रिक गणेश मंत्र "ॐ ग्लौम गौरी पुत्र, वक्रतुंड,गणपति गुरू गणेश। ग्लौम गणपति, ऋद्धिपति, सिद्धिपति। मेरे करों दूर क्लेश।।" 11 दिन तक इस मंत्र का 108 बार जाप करने व्यक्ति के जीवन के सारे क्लेश समाप्त होते हैं। धन, धान्य, संपत्ति, समृद्धि, खुशियां, वैभव, पराक्रम, विद्या और शांति की प्राप्ति होती है। लेकिन इस मंत्र के प्रयोग के समय व्यक्ति को पूर्ण सात्विकता रखनी होती है और ...

मंत्र mantra

संतान होने और नही होने की पहिचान करना : पुरुष और स्त्री के दाहिने हाथ मे साफ़ मिट्टी रख कर उसके अन्दर थोडा दही और पिसी शुद्ध हल्दी रखनी चाहिये,यह काम रात को सोने से पहले करना चाहिये,सुबह अगर दोनो के हाथ में हल्दी का रंग लाल हो गया है तो संतान आने का समय है,स्त्री के हाथ में लाल है और पुरुष के हाथ में पीली है तो स्त्री के अन्दर कामवासना अधिक है,पुरुष के हाथ में लाल हो गयी है और स्त्री के हाथ में नही तो स्त्री रति सम्बन्धी कारणों से ठंडी है,और संतान पैदा करने में असमर्थ है,कुछ समय के लिये रति क्रिया को बंद कर देना चाहिये। * चार वीरवार को 900 ग्राम जौं चलते जल में बहाए| * वीरवार का व्रत भी रखना शुभ होगा | * राधा कृष्णजी के मंदिर में शुक्ल पक्ष के वीरवार या जन्माष्टमी को चान्दी की बांसुरी चढाये| * लाल या भूरी गायें को आट्टे का पेढा व पानी दे | उपाय मन से करने से मनोकामना पूरण होगी | ★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★ मंत्र महायोग की शक्तिशाली दुनिया मे मंत्र की वो शक्ति अनुभव कर सकते है जिस से टूटता हुआ घर,दिल व समाज ये सब बच सकते है इस मंत्र के चमत्‍कार से घर मे सुख...

चमत्कारी राम रक्षा स्त्रोत मुर्दे में भी जान डाल देता है

चमत्कारी राम रक्षा स्त्रोत मुर्दे में भी जान डाल देता है 👇 🍁 👇 🍁 👇 🍁 👇 🍁 👇 🍁 👇 🍁 👇 🍁 👇 🍁 राम रक्षा स्त्रोत को ग्यारह बार एक बार में पढ़ लिया जाए तो पूरे दिन तक इसका प्रभाव रहता है। अगर आप रोज ४५ दिन तक राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करते हैं तो इसके फल की अवधि बढ़ जाती है। इसका प्रभाव दुगुना तथा दो दिन तक रहने लगता है और भी अच्छा होगा यदि कोई राम रक्षा स्त्रोत को नवरात्रों में प्रतिदिन ११ बार पढ़े । सरसों के दाने एक कटोरी में दाल लें। कटोरी के नीचे कोई ऊनी वस्त्र या आसन होना चाहिए। राम रक्षा मन्त्र को ११ बार पढ़ें और इस दौरान आपको अपनी उँगलियों से सरसों के दानों को कटोरी में घुमाते रहना है। ध्यान रहे कि आप किसी आसन पर बैठे हों और राम रक्षा यंत्र आपके सम्मुख हो या फिर श्री राम कि प्रतिमा या फोटो आपके आगे होनी चाहिए जिसे देखते हुए आपको मन्त्र पढ़ना है। ग्यारह बार के जाप से सरसों सिद्ध हो जायेगी और आप उस सरसों के दानों को शुद्ध और सुरक्षित पूजा स्थान पर रख लें। जब आवश्यकता पड़े तो कुछ दाने लेकर आजमायें। सफलता अवश्य प्राप्त होगी। वाद विवाद या मुकदमा हो तो उस दिन सरसों के दान...

किसी भी तरह का जप-कर्म हो, अधिकतर माला जपते हुए पूरा किया जाता है

किसी भी तरह का जप-कर्म हो, अधिकतर माला जपते हुए पूरा किया जाता है। इस दौरान प्रयोग में लाई जाने वाली माला में 108 मनके होते हैं। हालांकि मालाएं इससे कम या ज्यादा मनकों की भी होती हैं, लेकिन नौ के गुणांक वाले मनकों की माला ही जप कर्म में स्वीकार्य की गई है। माला का उपयोग किसी मंत्र, नाम आदि के जप की संख्या को याद रखने के लिए किया जाता है। इन देवी-देवताओं के नाम अथवा मंत्रों के जप से साधकों की इच्छाओं की पूर्ति होती है। प्रस्तुत है हिंदू धर्म की कुछ लोकप्रिय मालाओं का विवरण। कमल बीज माला: इस माला का उपयोग देवी लक्ष्मी की आराधना के लिए किया जाता है। माना जाता है कि अपने प्रिय पुष्प की माला के बीज से लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करने से देवी लक्ष्मी जल्द प्रसन्न होती हैं और साधक को धन-धान्य, ऐश्वर्य से संपन्न करती हैं। हल्दी माला: इस माला का उपयोग विशेष प्रार्थना या अनुष्ठान, शत्रुओं के नाश, मुकदमों में विजय आदि की प्राप्ति के लिए किया जाता है। कहा जाता है कि इस माला को धारण करने से पीलिया रोगों की पीड़ा कम होती है। साथ ही इसे धारण करने से मानसिक शांति मिलती है और चिंता व तनाव दूर होते हैं...

नहाने के पानी का ये प्राचीन उपाय करने से दूर हो सकती है

- नहाने के पानी का ये प्राचीन उपाय करने से दूर हो सकती है दरिद्रता : नहाने से स्वास्थ्य लाभ और पवित्रता मिलती है। सभी प्रकार के पूजन कर्म आदि नहाने के बाद ही किए जाते हैं, इस कारण स्नान का काफी अधिक महत्व है। पुराने समय में सभी ऋषि-मुनि नदी में नहाते समय सूर्य को जल अर्पित करते थे और मंत्रों का जप करते थे। इस प्रकार के उपायों से अक्षय पुण्य मिलता है और पाप नष्ट होते हैं। ज्योतिष में धन संबंधी परेशानियों से मुक्ति पाने के लिए कई उपाय बताए गए हैं, जो अलग-अलग समय परकिए जाते हैं। नहाते समय करने के लिए एक उपाय बताया गया है। इस उपाय को सही विधि से हर रोज किया जाए तो निकट भविष्य में सकारात्मक फल प्राप्त सकते हैं हो। जानिए उपाय की विधि ... प्रतिदिन नहाने से पहले बाल्टी में पानी भरें और इसके बाद अपनी तर्जनी उंगली (इंडेक्स फिंगर) से पानी पर त्रिभुज का चिह्न बनाएं। त्रिभुज बनाने के बाद एक अक्षर का बीज मंत्र 'ह्रीं' उसी चिह्न के बीच वाले स्थान पर लिखें। साथ ही, अपने इष्ट देवी-देवता से परेशानियों दूर करने की प्रार्थना करें। नहाते समय करें मंत्रों का जप शास्त्रों में दिन के सभी आवश्यक...